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PrimaryKaMaster: Allahabad Highcourt Basic Shiksha Parishad: बेसिक शिक्षा सचिव तीन मामलों में प्रथम दृष्टया अवमानना में दोषी, हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर मामले निस्तारित करने को कहा

Allahabad Highcourt Basic Shiksha Parishad: बेसिक शिक्षा सचिव तीन मामलों में प्रथम दृष्टया अवमानना में दोषी, हाईकोर्ट ने तीन महीने के भीतर मामले निस्तारित करने को कहा 



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल को तीन मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। कोर्ट ने कहा कि सचिव ने कोर्ट के आदेशों की अनुपालन नहीं किया है। इसलिए वह अवमानना के दोषी है।




हालांकि, कोर्ट ने उन्हें रियायत दी है। कोर्ट ने तीनों ही मामलों को तीन महीने के भीतर निस्तारित करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने तीन अलग-अलग अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है।



कोर्ट के समक्ष याची मनीष कुमार वर्मा, तकीम सिंह और तरुन वर्मा ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। याची मनीष कुमार वर्मा और तरुण वर्मा का तर्क था कि कोर्ट ने उनकी ओर से पूर्व में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए 17 नवंबर 2021 को आदेश पारित किया था। इसी तरह याची तकीम सिंह ने भी कहा कि पांच अक्तूबर 2021 को कोर्ट ने सचिव को पूर्व के आदेश का पालन करने को कहा था लेकिन उन्होंने अनुपालन नहीं किया।



इस पर तीनों याचियों ने अवमानना याचिका दायर की है। कोर्ट ने तीनों मामलों की अलग-अलग सुनवाई की और सचिव को तीनों ही मामलों का निस्तारण आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने याचियों से कहा है कि अगर सचिव तीन महीने में याचिकाओं का निस्तारण नहीं करते हैं तो वह फिर कोर्ट आ सकते हैं।



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