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PrimaryKaMaster: KVS Admissions 2022: केंद्रीय विद्यालय पहली कक्षा में एडमिशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी

KVS Admissions 2022: केंद्रीय विद्यालय पहली कक्षा में एडमिशन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी



KVS Kendriya Vidyalaya Admission 2022 : दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पहली कक्षा में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी है।



The last date for Online Registration for Admission to Class I in Kendriya Vidyalayas for the Academic Year 2022-23 has been extended upto 13.04.2022 (Wednesday) 07:00 pm.


KVS Admissions 2022: केंद्रीय विद्यालय संगठन ने पहली कक्षा में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख दो दिन आगे बढ़ा दी है। अब केंद्रीय विद्यालय कक्षा एक के लिए रजिस्ट्रेशन ( Kendriya Vidyalaya Class One Admissions Registration ) 13 अप्रैल 2022 तक कराए जा सकते हैं। पहले इसकी अंतिम तिथि 11 अप्रैल थी। केवीएस ने आयु सीमा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण यह फैसला लिया है। केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट kvsonlineadmission.kvs.gov.in पर इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिया गया है। 


आपको बता दें कि केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले की न्यूनतम उम्र सीमा पांच वर्ष से बढ़ाकर छह साल किए जाने के मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है। 

इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उम्मीद जतायी थी कि केंद्रीय विद्यालय (केवी) कक्षा एक में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि दो दिन और बढ़ा देगा।
अदालत ने उक्त याचिका को 11 अप्रैल को आगे की सुनवायी के लिए सूचीबद्ध किया जिसमें आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए कक्षा एक के वास्ते न्यूनतम आयु मानदंड छह वर्ष किये जाने को चुनौती दी गई है।

केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के वकील न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष इसको लेकर सहमत हुए कि पंजीकरण की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई जाएगी। केवीएस ने पहले समय सीमा को 21 मार्च से 11 अप्रैल तक बढ़ाया था।

केंद्र सरकार ने कक्षा एक के लिए न्यूनतम आयु मानदंड में बदलाव करके पांच साल से छह साल किये जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने का विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला अचानक नहीं है क्योंकि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में आया है जो 2020 में आयी थी और नीति को चुनौती नहीं दी गई है। केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत से इस उम्र में हस्तक्षेप नहीं करने का आग्रह किया क्योंकि उसके आदेश का पूरे भारत में प्रभाव होगा और पांच से सात साल की उम्र के छात्रों के बीच ‘‘विविधता’’ उत्पन्न करेगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि व्यथित छात्र अन्य स्कूलों में प्रवेश ले सकते हैं और प्रवेश के लिए ‘‘केवी पर निर्भर नहीं रह सकते।’’ उन्होंने कहा कि 21 राज्यों ने कक्षा एक के लिए छह-प्लस व्यवस्था लागू की है और चूंकि केवी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है, इसलिए प्रवेश आयु के संबंध में एकरूपता सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

शर्मा ने बताया कि एक लाख सीटों के मुकाबले सात लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि केवी शिक्षा के प्रकाशस्तंभ हैं और एनईपी को लागू करने में अग्रणी हैं।

आयु सीमा बढ़ाकर हो रहा संवैधानिक अधिकारिक का उल्लंघन: याचिकाकर्ता
अदालत के समक्ष याचिकाओं में से एक में, पांच वर्ष की एक लड़की ने दावा किया है कि आयु मानदंड में बदलाव, जो पहले पांच साल था, याचिकाकर्ता को संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 21-ए के तहत शिक्षा के अधिकार की गारंटी का उल्लंघन है। साथ ही यह दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 और बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों का भी उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता, यूकेजी की एक छात्रा है जिसका प्रतिनिधित्व वकील अशोक अग्रवाल कर रहे हैं। उसने दावा किया है कि केवीएस ने पिछले महीने प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से ठीक चार दिन पहले अपने पोर्टल पर केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए दिशानिर्देश अपलोड करके कक्षा एक के लिए प्रवेश मानदंड अचानक बदलकर छह वर्ष कर दिया।



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