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शुक्रवार, 24 दिसंबर 2021

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित अभ्यर्थियों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, इन विकल्पों पर हो रहा विचार

69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति सुधारें : आंदोलनरत अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद सीएम योगी का निर्देश 

69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित अभ्यर्थियों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान, इन विकल्पों पर हो रहा विचार


 लखनऊ : प्राथमिक विद्यालयों की 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की मुराद पूरी होने को हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार शाम अपने आवास पर प्रभावित अभ्यर्थियों से मिले और उन्हें आश्वस्त किया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को समस्या का त्वरित व न्यायसंगत समाधान करने का निर्देश दिया है, उन्हें जल्द ही अवगत कराया जाएगा।

69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती के आरक्षित वर्ग अभ्यर्थी छह माह से राजधानी में आंदोलन प्रदर्शन कर रहे हैं। वे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट लागू कराने की मांग कर रहे हैं।

आयोग ने 29 अप्रैल को जारी अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस भर्ती में आरक्षण देने में विसंगति है। अभ्यर्थियों का कहना है कि ओबीसी वर्ग को 18 हजार, 598 सीटों में से मात्र 2637 सीटें ही दी गई है, इसी प्रकार एससी वर्ग को इस भर्ती में 21 प्रतिशत के बजाए 16.6 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। आरक्षित वर्ग की सीट पर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है, जो पूरी तरह से गलत है।

इन विकल्पों पर अमल संभव

69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षित अभ्यर्थियों के चयन में हुई गड़बड़ियों को दूर करने के लिए कुछ अभ्यर्थियों को और नियुक्ति दी जा सकती है। ’नई शिक्षक भर्ती का इंतजार हो रहा है। राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल की अध्यक्षता में कमेटी भी बनी लेकिन, अब तक भर्ती का एलान नहीं हो सका है।’69 हजार शिक्षक भर्ती के वे अभ्यर्थी जो लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हैं लगातार मांग कर रहे हैं कि 68 हजार 500 शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों पर उन्हें नियुक्ति दी जाए , अब उनकी भी मांग पूरी कर सकती है।

अभ्यर्थियों का दावा है कि शुक्रवार को ही बड़ा एलान हो सकता है। सरकार नई भर्ती के बजाए उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को रिक्त पदों पर समायोजित कर सकती है।



यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुरुवार को 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में आरक्षण की विसंगति को लेकर आंदोलनरत आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को समस्या के त्वरित और न्यायसंगत समाधान के लिए निर्देश दिए है।



69 हजार शिक्षक भर्ती में अभ्यर्थी लम्बे समय से संघर्षरत हैं और डेढ़ साल से आंदोलनरत हैं। इनका आरोप है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित 18598 सीटों में से 5844 सीटें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को दे दी गई हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी सरकार को इस मामले में पत्र भेजा है। ये अभ्यर्थी विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मिल कर अपनी बात कहते आ रहे हैं।

सरकार कई बार अपना पक्ष रख चुकी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर रही है। सरकार ने पिछले सत्र में विधानपरिषद में अपना जवाब दिया कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 18,598 पदों के सापेक्ष 31,228 अभ्यर्थियों की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से भर्ती हुई है। इसमें तय आरक्षण से अधिक ओबीसी और एससी अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। पिछड़ा वर्ग के 12,630 अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी में अपनी दक्षता के आधार पर चयनित हुए।


भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे 69 हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी

69 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी गुरुवार की सुबह भाजपा के राज्य मुख्यालय जा पहुंचे। कार्यालय का गेट खुला होने के चलते वे सीधे अंदर प्रवेश कर गए और उन्होंने वहां प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गया। उन्हें वहां से हटने को कहा गया लेकिन वे नहीं मानें तब पुलिस को उन्हें हटाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे-तैसे उन्हें भाजपा कार्यालय से बाहर ले जाया गया।


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