नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को अब नहीं लगानी होगी जिलों की परिक्रमा!, चयन बोर्ड ने शासन को फिर भेजा प्रस्ताव - primary ka master - Sarkari Master | Primary Ka Master News | Basic Shiksha News, Updatemarts - PRIMARY KA MASTER

Breaking

Primary Ka Master Daily News Provides all of the news about primary ka master, shiskhamitra, uptet news, basic shiksha news and etc.

Main Menu

बुधवार, 10 नवंबर 2021

नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को अब नहीं लगानी होगी जिलों की परिक्रमा!, चयन बोर्ड ने शासन को फिर भेजा प्रस्ताव - primary ka master

नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों को अब नहीं लगानी होगी जिलों की परिक्रमा!, चयन बोर्ड ने  शासन को फिर भेजा प्रस्ताव


■ एडेड माध्यमिक कालेजों में प्रवक्ता प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक पद पर 15 हजार का चयन


■ साढ़े तीन हजार से अधिक ऐसे अभ्यर्थी भी चयन सूची में हैं जिन्हें किया गया प्रतीक्षारत


साढ़े चार हजार से अधिक एडेड माध्यमिक कालेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर बड़े पैमाने पर चयन हुआ है। प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के पदों पर चयनितों की तादाद करीब 15 हजार है। सभी पद जल्द भरने के लिए हजारों अभ्यर्थियों को जिलों की परिक्रमा लगाने से राहत मिल सकती है। सरकार जिला विद्यालय निरीक्षकों की जगह शिक्षा निदेशक माध्यमिक को यह जिम्मा सौंपने पर मंथन कर रही है।



माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र की ओर से अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक कालेजों में प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों के रिक्त पदों पर चयन हो चुका है। विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष हर जिले को चयनित अभ्यर्थियों का पैनल भेजा गया है, इसमें नियम है कि रिक्तियों की संख्या से अधिकतम 25 प्रतिशत अभ्यर्थी पैनल में शामिल होंगे। इस बार करीब साढ़े तीन हजार अभ्यर्थियों का नाम पैनल में शामिल है, किंतु उन्हें विद्यालय का आवंटित नहीं है। 


प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को तभी नियुक्ति मिलेगी जब संबंधित विद्यालय में चयनित ज्वाइन न करे तो पैनल से अधिक मेरिट वालों को मौका मिलेगा। भर्ती की आवेदन प्रक्रिया 2020 से चल रही थी, इस बीच अलग-अलग विभागों में कई भर्तियां हुई, उनमें बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी दूसरी जगह ज्वाइन कर चुके हैं। इसलिए पद फिर खाली रहने के आसार हैं। 


वैसे प्रतीक्षारत भी पर्याप्त हैं लेकिन उनकी नियुक्ति में सबसे बड़ी बाधा जिलावार इस आशय का प्रमाणपत्र बना है जिसमें जिला विद्यालय निरीक्षक लिखकर दें कि संबंधित अभ्यर्थी ने उनके यहां ज्वाइन नहीं किया है। इसमें संबंधित विद्यालय व डीआइओएस के रुचि लेने के बाद भी महीनों का वक्त लगना तय है। ज्ञात हो कि पहले से करीब 1000 से अधिक चयनित और प्रतीक्षारत अभ्यर्थी नियुक्ति पाने के लिए भटक रहे हैं।

चयन बोर्ड ने शासन को तीसरी बार प्रस्ताव भेजा है कि यह जिम्मा जिला विद्यालय निरीक्षक की जगह शिक्षा निदेशक माध्यमिक को सौंपा जाए। इसके लिए नियमावली में संशोधन हो, क्योंकि निदेशक माध्यमिक आसानी से सभी जिलों से रिक्त पदों की सूचना लेकर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को कालेज आवंटित कर सकते हैं।

सचिव कीर्ति गौतम ने 26 सितंबर 2020, 25 जून 2021 और 27 अगस्त 2021 को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने 18 दिसंबर 2019 के उच्च न्यायालय के उस आदेश का भी जिक्र किया है जिसमें शिक्षा निदेशक माध्यमिक से रिक्त पदों को भरवाया जा चुका है।


एक भर्ती में चयनितों का रिकार्ड

उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा है कि चयन बोर्ड ने 26 अक्टूबर को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के रूप में 12610 अभ्यर्थियों का चयन किया है। एक ही विज्ञापन में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
डा. दिनेश शर्मा



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें